हरतालिका तीज, एक ऐसा पर्व जो विवाहित
व अविवाहित महिलाओं के लिए बहूत ही महत्वपूर्ण है। इस पर्व को पूरे भारतवर्ष के
साथ-साथ नेपाल मे भी बहुत धुम-धाम से मनायां जाता है.
धर्म-ग्रंथों के अनुसार विधि-विधान से हरतालिका तीज का व्रत करने से कुंवारी
कन्याओं को भगवान शिव जैसे वर की प्राप्ति होती है वहीं विवाहित महिलाओं को अखंड
सौभाग्यवती का आर्शिवाद मिलता है। हरतालिका तीज के दिन व्रत करने वाली महिलाएं नए
कपड़े व गहने पहनती हैं। इस दिन व्रत करने वाली महिलाएं
पूरे दिन निर्जल उपवास रखती हैं और शाम में स्नान कर भगवान शंकर तथा माता पार्वती
की पूजा करती हैं। पूजा के लिए भगवान शंकर तथा माता पार्वती की मूर्ति को रेत व
मिट्टी से बनाया जाता हैं। भगवान को भोग के रुप में सेब, नारियल, केला और विशेष रुप से गुजिया चढ़ता हैं और माता पार्वती को सुहागन की सामग्री
चढाई जाती हैं। पूजा संपन्न होने के बाद
विवाहित महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती तथा अपने पति का आर्शिवाद लेती हैं
और अपने पति की लम्बी आयु तथा खुशहाल जीवन की कामना करती हैं और अविवाहित कन्यां
भगवान शिव तथा माता पार्वती का आर्शिवाद
लेकर भगवान शिव जैसे वर की कामना करती हैं।






Comments:
