आज कल पितृपक्ष चल रहा है हर व्यक्ति केवल उसी दिन श्राद्ध करता है जिस दिन उनके किसी पितृ की तिथि होती है ध्यान रहे गरुड़ पुराण के अनुसार इस सम्पूर्ण पक्ष में सभी पितृ अयारमा लोक को छोड़ कर धरती पर आ जाते हैं अतः हमें नित्य प्रति उन ज्ञात-अज्ञात सभी पितरों के निमित्त कुछ न कुछ अन्न-जल जरूर प्रदान करना चाहिए दूसरी बात ये भी अवश्य समझने वाली है इस कर्म की आवश्यकता केवल हमारे पितरों को ही नहीं है वो तो प्रकृति के विधान अनुसार तृप्त ही हो जाते हैं क्यूंकि ये हमारा कर्तव्य है उन सभी के प्रति और उनका अधिकार है हमसे अतः उनका ऋण है हम पर इस लिए इस मानसिकता के साथ पूर्ण श्रधा से पितरों की परम तृप्ति का प्रयास करें