कल बुधवार को चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है इस बार शाम को पूर्णिमा शुरू हो रही है शास्त्र अनुसार यदि अनंत चतुर्दशी पूर्णिमा युक्त हो तो अधिक लाभदायी होती है अतः कल षट्कर्म के बाद पीले कपडे पर भगवान विष्णु जी की मूर्ति/फोटो स्थापित करें फिर कच्चे धागे से चोदह ग्रंथि (गाँठ) ओं अनंताये नमः मन्त्र से लगा कर धागा बना कर (एक या सभी सदस्यों के हिसाब से ) अर्पण करें इसी मन्त्र से चोदह उपचार सामग्री भगवान अनंतदेव को अर्पण करें संकल्प करें मम अखिलपाप क्षय पूर्वक शुभ फल वृध्ये श्रीअनंतप्रितिकामनया अनंत पूजन/व्रत अहम करिष्ये फिर प्रार्थना करें
नमस्ते देव देवेश नमस्ते धरनी धरा ! नमस्ते सर्व नागेन्द्र नमस्ते पुरुशुत्तं !!इस स्तुति को चोदह बार उच्चारण करें हो सके हर् बार फूल या तिल अर्पण करें तत्पश्चात सभी पूजा भगवान को अर्पण कर धागे श्रधा पूर्वक सभी अपने दाहिने हाथ पर बाँध लें स्त्रियां बांये हाथ पर ये पूजा गृहस्थ के सभी सुख देने वाली है






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